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This is how HDFC Bank makes it impossible to work with them?

I have been a fan of HDFC Bank, but recently, the services and their operating processes are going from bad to worse.

Some examples of their illogical ways of working :

1) They changed Relationship Manager, without the customer knowing. It is only when the customer calls the old RM, he is told that now somebody else is your RM.

2) You are forced to use NetBanking. For activating NetBanking for my HUF account required me to go to Bank branch 3 times, every time RM telling new things (which he never told earlier). My experience with RM Abhishek Utekar has not been very good at Malad-East branch, he was never concerned about the customer’s problems.

3) The NetBanking password which comes in a very Private and Confidential does not have the word HUF written anywhere on the letter. It is common sense that an Individual account and an HUF account have rest of the things common. So, the word HUF is most important in the communication. But, common sense is not common in HDFC Bank.

4) You are given a CustomerID for accessing NetBanking. You try accessing it and you will be thrown back by the system citing invalid ID. You are told by RM that for HUF accounts, the CustomerID to be entered is the next sequential number coming after your CustomerID. (Now unless a customer dreams about this, this is never communicated by HDFC Bank, formally. I believe the think that the customer will dream their weird processes.)

5) Their new Passbook has the “Branch Tel No. : 022-61606161″. You call it up and it will take you through elaborate instructions, finally asking you your CustomerID, your TPIN number, etc. etc. You think you are calling up the branch, but you end up calling some Call Centre somewhere. How funny?

6) After somehow getting the correct CusomterID and password, you login but to discover that ‘Your NetBanking has been disabled.” There is a link to enable it, but does not work (I am not surprised now.)

7) I have understood that HDFC Bank believes that you carry your following things always with you (even when you are in some emergency), so that you can bank with them (SMOOTHLY…!!!) :

  • Bank Account Number
  • Your Customer ID
  • Your NetBanking Password
  • Your TPIN (Telephone Banking PIN)
  • Your Debit Card Number
  • Your Debit Card ATM PIN number

8) So much to support HDFC Bank’s tagline : “We understand your world.”

Do you, HDFC Bank?

 

 

 

सिस्टम और प्रोसेस में तालमेल से ही कार्यक्षमता बढ़ सकती है |

हमारी सरकारी ओफिसों में करोडों रुपये खर्च कर के Information Technology की आधुनिक सिस्टम्स लगाइं जातीं हैं लेकिन फिर भी गलत प्रोसेसींग-गलत कार्यपद्धति की वजह से आम जनता के समय की कोइ बचत या तकलिफों में कमी होती नहीं है, उसका जीवंत उदाहरण है पासपोर्ट सेवा केन्द्र |

पासपोर्ट एप्लीकेशन के प्रोसेसींग का काम प्राइवेट कंपनी Tata Consultancy Services-TCS को दिया को दिया गया है |
अलबत्त TCS की सिस्टम की वजह से काउन्टर पर पहुंचने के बाद काम त्वरा से होता है, पासपोर्ट सेवा केन्द्र में TCS के कर्मचारियों का काम, बर्ताव, ट्रेनिंग प्रशंसनिय है | उसी पासपोर्ट केेन्द्र में अभी भी बाकी के कुछ कामों के लिए सरकारी कर्मचारी ही हैं, और TCS के काम करने के तरिके का रंग उनके उपर कथ्थई नहीं चढ़ा है | भारत में सरकारी कर्मचारियों के पास से TCS जैसे काम की उम्मीद भी नहीं रख सकते |

TCS की  वजह से काम सिस्टेमेटीक जरुर हुआ है, पर पूरी प्रक्रिया-प्रोसेसींग में कहीं तो बहोत बडा fault है | इसी वजह से पासपोर्ट केन्द्रों में जनसमुदाय के समय का अधिक व्यय होता है |

मुंबइ-मलाड स्थित पासपोर्ट सेवा केन्द्र में मैंने स्व-अनुभव किया है कि पासपोर्ट प्रक्रिया के लिए बनाये गये चार काउन्टरों पर टोटल १५-२० मिनिट का ही समय ही लगता है | पासपोर्ट सेवा केन्द्र में जाने के लिए पहले से appointment दी जाती है | लेकिन फिर भी एक व्यक्ति को चार काउन्टर पर काम पूरा करने में कम से कम 3 घंटों का समय केन्द्र में लगता ही है | क्यों कि सब को अलग-अलग ७ जगहों पर अपना नंबर आने का इन्तज़ार करना पडता है |

इस कारण हर व्यक्ति के करिब २.५ घंटे व्यय होते है | एक दिन में ३०० लोग एक केन्द्र में आते हैं | हर दिन ऐसा एक केन्द्र करिब १०० working days के व्यय का कारण बनता है |

क्यों?

क्यों कि पासपोर्ट संबंधी प्रक्रिया के बारे में सही तरिके से स्टडी नहीं हुआ है |

एक तो appointment के लिए समय देने का तरिका गलत है | १५ मिनिट के स्लोट में एक साथ १५-२० लोगों को एक समय पर बुलाया जाता है | हर अर्जदार को कुल मिला के अलग इलग चार काउन्टरों पर जाना पडता है |

इस का मतलब है कि केन्द्र की चारों प्रोसेस के काउन्टर्स १५ मिनिट में १५-२० लोगों को हेन्डल कर लेने चाहिए | पर सब से पहले काउन्टर पर ही ऐसा नहीं होता है | चार काउन्टर में से सब से पहले काउन्टर पर सब से ज्यादा समय लगता है | और चार में से यह पहले काउन्टरों पर ही मेनपावर सब से कम है | अंदर के २-३-४ (A-B-C) काउन्टरों पर अनेक गुना मेनपावर है | परंतु यहां तक पहुंचने के लिए screening करनेवाले पहले काउन्टर पर सब से ज्यादा समय लगता है, और उन पर ही मेनपावर कम है | यह बोटल-नेक का typical example है |

कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ाने के लिए सिस्टम और प्रोसेस-कार्यपद्धति का तालमेल सही होना चाहिए | TCS या इस प्रोसेस की Design  में शामिल एजन्सी अगर प्रोसेस के अमलीकरण में प्रेक्टीकल Bottleneck का अभ्यास कर के उन  में सुधार जब तक नहीं करेगी तब तक बडी बडी सिस्टम्स लगाने के बाद भी २० मिनिट के काम के लिए ३ घंटे पब्लिक को बिताने ही पडेंगे |