एम्प्लोइझ को नौकरी पर रखते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?

नौकरी पर रखने के लिए candidate को सिलेक्ट करते वक़्त सबसे पहली बात जीस पर हमें ध्यान देना ज़रूरी है, वह यह है की हमें उसका attitude देखकर ही नौकरी के लिए select या reject करना चाहिए |

ज़्यादातर क़िस्सों में candidate की educational क्वोलिफिकेशन या उसकी क़ाबिलियत याने की – skills से प्रभावित हो कर उसे काम के लिए सिलेक्ट किया जाता है | बाद में पता चलता है की highly educated या बहोत सारी काबिलियत होते हुए भी व्यक्ति काम करने में बिलकुल fail हो जाता है, वह result नहीं दे पाता है |

ऐसा इस लिए होता है, कि किसी भी काम को सफलता से करने के लिए qualification या क़ाबिलियत से ज़्यादा ज़रूरत होती है, right attitude याने की सही अभिगम की | कुछ highly qualified और क़ाबिल लोग अपनी करियर में सफल नहीं हो पाते हैं, क्यों की उनका एटीट्यूड ग़लत होता है | एक तो काम के प्रति उनका रवैया नकारात्मक होता है, वह कोइ भी काम ढंग से नहीं करते | दूसरा हमें कोइ भी बडा या important काम करना हो तो उस में दूसरे लोगों का सहयोग मिलना ज़रुरी होता है | जिनका attitude negative होता है वह लोग दूसरों के साथ काम कर ही नहीं पाते, इस लिए fail हो जाते हैं |

कभी कभी हमें ऐसा लगता है कि IIT, IIM या ऐसी कोइ बड़ी Institute से डिग्री प्राप्त कर के निकला हुआ कोइ भी candidate अपनी करियर में ख़ूब सफल होगा | लेकिन हम वास्तव में देखते है, की IIT या IIM से निकले सारे students अपनी career में सफल नहीं हो पाते हैं | किसी भी यूनिवर्सिटी या बोर्ड के topper ज़्यादातर क़िस्सों में अपनी करियर में कुछ ज़्यादा नहीं कर पाते हैं | Educational qualification से हमें किसी कंपनी में entry तो मिल सकती है, लेकिन उस के बाद उस कंपनी में अपना प्रोग्रेस होगा या नहीं, यह हमारे attitude के उपर ही निर्भर होता है |

इस बात को एक example से समझें | मान लो की दो दोस्त हैं, जो IIT या IIM की एक ही institute में एक ही डीवीझन में साथ में पढते हैं | दोनों लगभग एक लेवल के marks पा कर पास होते हैं | दोनों को एक ही कंपनी में, एक ही position पर एक ही पगार पर campus placement से जोब मिलती है | दोनों एक ही दिन काम शुरु करते हैं | अब तक, इन दोनों का academic performance तो लगभग same ही था | लेकिन एक ही दिन, एक ही तरिके से शुरु हुइ इन दोनों की प्रोफेशनल करियर आगे जा कर same रहेगी? हमने बहोत सारे cases देखे हैं की ऐसे किस्सों में पाँच-सात सालों के बाद दोनों दोस्तों की करियर का नक़्शा बहोत अलग ही होता है | प्रोफेशनल करियर में विकास का आधार दोनों के एटीट्यूड के उपर ही होगा । जिस का एटीट्यूड सही होगा वह ख़ूब आगे बढ़ता है, और जिस का एटीट्यूड ग़लत होता है, वह पीछे ही रह जाता है |

अपनी कंपनी में नौकरी के लिए selection करते वक़्त negative attitude के लोगों को मत चूनो, फिर चाहे वह कितने ही qualified क्यों न हो ? याद रहे, क़ाबिलियत – skills सिखी जा सकतीं हैं | Educational qualification add हो सकतीं हैं | परंतु right attitude आसानी से हांसल नहीं हो सकता | आप की कंपनी में जितने लोग सही एटीट्यूड वाले होंगे उतना कंपनी का विकास तेज़ होगा | नेगेटिव एटीट्यूड वाला हर employee आप की कंपनी की speed को कम करता है |

इसी लिए नौकरी के लिए selection, attitude के आधार पर ही करें |

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BMS-Front GP

Author: Sanjay Shah

Sanjay is the author of "Business Management Simplified" which provides Practical, Actionable Solutions for Entrepreneurs. It is an all-in-one guidebook to start, run and grow a small and mid-size business to the next level. He is also an SME Business Coach, Seminar Leader and Motivational/Keynote speaker, Sanjay is based in Mumbai (India). He advises many businesses on Strategy, Leadership, Marketing, Branding, Customer Experience Management and Organization Development. He conducts various self-help seminars and workshops for companies and groups in English, Hindi and Gujarati. For more info, visit : www.SanjayShahSeminar.com

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