Masters Of Meaningless Communication

बिना वजह के communication की व्यर्थता का सरकारी उदाहरण
सीधी-सादी बात को बिना वजह पेचीदा बनाने की कला में सरकारी बाबुओं का कोइ जवाब नहीं है |उदाहरण के लिए मुंबइ की लोकल ट्रेन में आज कल सुनाइ देनेवाली पब्लिक एनाउन्समेन्ट पर ध्यान दिजिए |
“यात्री गण कृपया ध्यान दिजिए | वरिष्ठ नागरिकों को उन के लिए आरक्षित एवं निर्धारित सीट पर जाने में सहयोग दिजिए |”
“Passengers please help the senior citizens to reach them to seats reserved and earmarked for them in the coaches.”
मान लिया की आरक्षित और निर्धारित या reserved और earmarked अलग शब्द हैं |
यह भी मान लिया की आप को भाषा का उच्चतर स्तर का ग्यान है | बधाइ हो…. हार्दिक अभिनंदन |
परंतु सामान्य जन समुदाय, जिस के लिए यह संदेश है, उन को इस अधिकतर शब्दों की स्पष्टता से कोइ फायदा नहीं होता, बल्की confusion होता है | आरक्षित या Reserved एक – एक शब्द से सब को समज में आ ही जाएगा | (यह बात बाबुओं के theoretical दिमाग को समज में नहीं आएगी |

सीधी सादी जिंदगी को बिना वजह complicated न बनाने की अक्ल बाबुशाही को जब आएगी तब रेल मंत्री सुरेश प्रभु साहब तथा मोदीजी की पूरी टीम के प्रयासों को ओर जोर मिलेगा |

प्रभु ऐसा समय जल्दी लाएं ऐसी प्रार्थना |

Author: Sanjay Shah

Sanjay is the author of "Business Management Simplified" which provides Practical, Actionable Solutions for Entrepreneurs. It is an all-in-one guidebook to start, run and grow a small and mid-size business to the next level. He is also an SME Business Coach, Seminar Leader and Motivational/Keynote speaker, Sanjay is based in Mumbai (India). He advises many businesses on Strategy, Leadership, Marketing, Branding, Customer Experience Management and Organization Development. He conducts various self-help seminars and workshops for companies and groups in English, Hindi and Gujarati. For more info, visit : www.SanjayShahSeminar.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *