सिर्फ चीज़ें या वस्तुएं ही नहीं बिकती, उनको बेचने का तरीका भी उतना ही अहमियत रखता है|

किसी विख्यात ब्रान्ड की फ्रेन्चाइझी लेनेवाले के मन में यह आश रहती है की पैसा डाल दिया, फ्रेन्चाइझी ले ली अब तो बस चांदी ही चांदी है| अब तो ब्रान्ड के चाहक ग्राहक ढूंढते-भागते हमारे पास आयेंगे…|

लेकिन ऐसा हमेशा होता नहीं है|
मुंबइ के जुहु में एक ख्यातनाम आईस्क्रीम पार्लर है| उस की सफलता से प्रेरित कंपनीने बहोत सारे फ्रेन्चाइझी पार्लरों के द्वारा अपना विकास करना चाहा| जुहु की आईस्क्रीम का टेस्ट जीस को अच्छा लगा होगा वह कस्टमर को वही क्वोलिटी, वही फ्लेवर्स, वही कोन-कप उन्हीं दामों पर अपने घर के करिब मिलेंगे तो वह खुशी-खुशी वहां जाएगा ऐसा कंपनी के मार्केटींग डीपार्टमेन्ट ने सोचा और मालिकों को भी यह सही लगा होगा | लेकिन उन में से काफी सारे पार्लर ठीक नहीं चल रहे हैं|
कारण?
१) कुछ पार्लर गलत लोकेशन्स पर हैं, जहां कस्टमरों के लिए आना मुश्किल है|
२) पार्लर के कुछ फ्रेन्चाइझी अपनी लालच के वश में पैसा बचाने के चक्कर में कस्टमर को अच्छी सेवा-सुविधा देने से कतराते हैं| इन के मलाड-वेस्ट सब-वे के पास स्थित पार्लर में आप जायेंगे तो आप को ऐसा नकारात्मक अनुभव होगा|

परिणाम?
लोगों को प्रोडक्ट या ब्रान्ड तो वही मिल रही है, लेकिन अनुभव वही नहीं हो रहा है|

सिर्फ चीज़ें या वस्तुएं ही नहीं बिकती, उनको बेचने का तरीका और कस्टमर का अनुभव भी उतना ही अहमियत रखता है|

अगर कोई ब्रान्ड सिर्फ पैसे देखकर किसी को भी अपना फ्रेन्चाइझी बना देगी और उस के नैतिक मूल्य ब्रान्ड की ईमेज से विपरीत होंगे, कस्टमर को अच्छा अनुभव नहीं होगा, तो अंत में वह फ्रेन्चाइझी भी निष्फलता प्राप्त करेगा और उस ब्रान्ड को भी उस फ्रेन्चाइझी की लालच की वजह से नुकसान ही होगा़…

Author: Sanjay Shah

Sanjay is the author of "Business Management Simplified" which provides Practical, Actionable Solutions for Entrepreneurs. It is an all-in-one guidebook to start, run and grow a small and mid-size business to the next level. He is also an SME Business Coach, Seminar Leader and Motivational/Keynote speaker, Sanjay is based in Mumbai (India). He advises many businesses on Strategy, Leadership, Marketing, Branding, Customer Experience Management and Organization Development. He conducts various self-help seminars and workshops for companies and groups in English, Hindi and Gujarati. For more info, visit : www.SanjayShahSeminar.com

3 thoughts on “सिर्फ चीज़ें या वस्तुएं ही नहीं बिकती, उनको बेचने का तरीका भी उतना ही अहमियत रखता है|”

  1. What type of business work well in franchise.. Mostly we have seen food & clothes being more successful.. Do you feel a multi brand store is successful..? Like mobile… Optical… Health products…

    1. Yes. Any franchisee is a sales model. A brand is an experience. A customer looks for a solution to his problems and satisfaction of his needs. If we can define, find and focus on a specific target customer group and create a solution which can satisfy their needs or solve their problems which independently owned stores can’t do, in short if we can provide a value proposition which is unique and is different, such a sales model is possible.

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