हमारे मार्केटींग में क्या गलत हो सकता है?

कभी कभी हम गलत कस्टमर को अपना माल बेचने की कोशिश करते हैं | हमारा कस्टमर कौन है, यह नहीं समज पाना यही हमारी सब से बड़ी मार्केटींग गलती हो सकती है |

हर एक प्रोडक्ट या सर्विस का एक कस्टमर होता है | उस कस्टमर को उस प्रोडक्ट में कुछ value, कुछ मूल्य दिखता है, जो प्रोडक्ट की कीमत के सिवाय कुछ और, कुछ दूसरा होता है |

२ लाख की Tata Nano का भी एक ग्राहक वर्ग होता है | और ४०-५० लाख की मर्सिडीज़ का भी कस्टमर ग्रुप होता है, और यह दोनों अलग लोग होते हैं, दोनों की पसंद, उनकी Lifestyle, उनकी सोच, तरिके सब कुछ अलग होता है |

उन दोनों कस्टमरों को अपनी अपनी Nano या Mercedez में कुछ value, कुछ मूल्य दिखता है, जो कार की कीमत के सिवाय कुछ और, कुछ दूसरा होता है |

मार्केटींग में हमारी कोशिश सही कस्टमरों को पहचानके, उनकी ज़रुरतों को समजके उन्हें हमारी प्रोडक्ट-सर्विस के बारे में बता के बेचना यहीं होनी चाहिए | गलत कस्टमर को अपनी प्रोडक्ट के बारे में चाहे कितना भी बताओ, उस के फायदे दिखलाओ, वह हमारी प्रोडक्ट नहीं खरीदेगा क्यों कि उसे हमारी प्रोडक्ट में कुछ Value नहीं दिखती | उन के पीछे मेहनत-समय-पैसा बरबाद मत करो |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *