हम कस्टमर के अनुभव को कैसे बरबाद करते है?

पर्यावरण को खराब होता बचाने के लिए Green Initiative के अनुसार हर बार Printed Statement न भेजना पडे इस लिए HDFC Bank ने हमारे बेन्क एकाउन्ट का पासबूक भेजा, ताकि जब जरुरत हो तब हम उसे Update करा सकें | इस से बैंक का स्टेशनरी और courier खर्चा कम होगा |

स्वीकार्य है |

लेकिन जब पासबूक नया छापा है, कस्टमर के नाम-अड्रेस छापे हैं, तो उस में अभी की current balance भी तो छप ही सकती थी ना? आज तक की बेलेन्स उसी कोम्प्युटर में से उसे छापना है जहां से यह पासबूक छपी है और उसका कोइ अलग खर्च भी नहीं होनेवाला है | फिर भी बैंक ने plain passbook भेज दिया है | अब पहली बार उस में entry कराने के लिए बैंक के लाखों ग्राहकोंको ब्रान्च में जाना पडेगा |

अगर HDFC Bank ने कस्टमर के Reference से सोचा होता, तो उसने पासबूक का पहला पेज current balance को छापकर ही भेजा होता | एक छोटी सी लापरवाही लाखों कस्टमर के लाखों घंटों का समय-शक्ति बरबाद कर देती है |

हमें हमेशा अपने कस्टमर की सुविधा का विचार करना चाहिए | अगर हमारा हर कर्मचारी, हमारा हर डीपार्टमेन्ट की सोच के केन्द्र में कस्टमर का खयाल करना स्थापित हो, तो ऐसी बिना सोच-समज के Decisions नहीं लिए जाएंगे |

अगर हम वैसा नहीं कर पाये तो कस्टमर की नाराज़गी स्वाभाविक है |

Author: Sanjay Shah

Sanjay is the author of "Business Management Simplified" which provides Practical, Actionable Solutions for Entrepreneurs. It is an all-in-one guidebook to start, run and grow a small and mid-size business to the next level. He is also an SME Business Coach, Seminar Leader and Motivational/Keynote speaker, Sanjay is based in Mumbai (India). He advises many businesses on Strategy, Leadership, Marketing, Branding, Customer Experience Management and Organization Development. He conducts various self-help seminars and workshops for companies and groups in English, Hindi and Gujarati. For more info, visit : www.SanjayShahSeminar.com

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